CCPA fines Drishti IAS ₹5 lakh for misleading UPSC 2022 result claims; investigation reveals exaggerated selections in ads.
Drishti IAS Fined ₹5 Lakh by CCPA for Misleading UPSC 2022 Result Advertisement
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2025: देश के चर्चित UPSC coaching institute Drishti IAS, जिसे डॉ. विकास दिव्यकीर्ति संचालित करते हैं, पर Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। यह सजा संस्थान द्वारा जारी किए गए भ्रामक विज्ञापन (misleading advertisement) के लिए दी गई है, जिसमें “UPSC CSE 2022 में 216+ चयन” का दावा किया गया था।
क्या था विवाद?
Drishti IAS ने अपने विज्ञापन में दावा किया था कि 216 से अधिक छात्रों का चयन उनके संस्थान से हुआ है। लेकिन CCPA की जांच में पाया गया कि 216 में से 162 उम्मीदवार केवल “free Interview Guidance Program (IGP)” के हिस्से थे — यानी उन्होंने पहले ही Prelims और Mains पास कर लिया था। सिर्फ 54 उम्मीदवार ही paid courses जैसे Foundation Program या Mains Test Series में शामिल थे।
CCPA ने कहा कि Drishti IAS ने यह जानकारी छिपाकर छात्रों और अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया कि उनकी सफलता पूरी तरह संस्थान की मेहनत से हुई है। इस भ्रामक प्रचार से छात्रों को महंगे कोर्स जॉइन करने के लिए प्रेरित किया गया, जिसे उपभोक्ता हितों का उल्लंघन माना गया।
Consumer Protection Act के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई Consumer Protection Act, 2019 की धारा 2(28) के तहत की गई, जो झूठे और गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाती है। मंत्रालय ने कहा कि यह Drishti IAS की “बार-बार की अवज्ञा” का मामला है, क्योंकि 2024 में भी CCPA ने इसी तरह के भ्रामक दावे पर ₹3 लाख का जुर्माना लगाया था। तब संस्थान ने “150+ selections” का दावा किया था, जो जांच में गलत पाया गया।
Drishti IAS का पक्ष
संस्थान के CEO Vivek Tiwari ने कहा कि 2021-22 में CCPA ने अधिकांश कोचिंग संस्थानों को नोटिस दिए थे और उस समय विज्ञापन दिशानिर्देश अस्पष्ट थे। उन्होंने कहा कि “अब दिशा-निर्देश साफ़ हैं, और संस्थान आगे से सभी डेटा पारदर्शी रूप से साझा करेगा।”
कोचिंग उद्योग पर सरकार की सख्ती
CCPA ने अब तक 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें से 26 पर कुल ₹90.6 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। प्राधिकरण ने सभी संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे विज्ञापनों में कोर्स की अवधि, प्रकार, और वास्तविक योगदान को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
UPSC Aspirants के लिए सबक
यह मामला UPSC aspirants के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है — किसी भी coaching institute के दावों की जांच ज़रूर करें। Fake claims और exaggerated results से बचने के लिए transparency जरूरी है। सरकार की यह कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में accountability और honesty की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
— Reported for SachBolo by Vijay Sinha