भिलाई के होटल अमित पार्क में जेके फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीज महोत्सव में नारी शक्ति और संस्कृति का संगम दिखा, जहां पूजा यादव ने तीज क्वीन का खिताब जीता।
भिलाई नगर के प्रतिष्ठित होटल अमित पार्क में शनिवार को जेके फाउंडेशन के तत्वावधान में 'तीज महोत्सव एवं तीज क्वीन 2026' का अत्यंत भव्य और रंगारंग आयोजन संपन्न हुआ।
फाउंडेशन की अध्यक्ष टी जयारेड्डी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ी परंपरा, भारतीय संस्कृति, सौंदर्य और नारी शक्ति का एक अद्भुत और मनोहारी संगम देखने को मिला।
इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना और पारंपरिक त्योहारों के माध्यम से सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था।
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शहर की सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया।

समारोह में मुख्य रूप से विधायक रिकेश सेन, सुप्रसिद्ध पंडवानी लोकगायिका एवं पद्मश्री उषा बारले और कृष्ण जन्मभूमि की राष्ट्रीय प्रचारक डॉ.
नेहा गुप्ता अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में फाउंडेशन की टीम ने इन गणमान्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में जेके फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी समृद्ध संस्कृति को जीवित रखते हैं
, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां भी प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में टी जया, रुचि जैन
, डॉ.
हर्षिता तिवारी, मेघा तिवारी
, बिंदु सोनी, अर्चना वर्मा
, नईशा और अंजू कुशवाहा भी मंच पर मौजूद रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण 'तीज क्वीन 2026' प्रतियोगिता रही, जिसे तीन अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित किया गया था ताकि हर आयु वर्ग की प्रतिभा को उचित स्थान मिल सके।
कड़े मुकाबले और विभिन्न चरणों के बाद मुख्य कैटेगरी में पूजा यादव ने अपनी शालीनता और बुद्धिमत्ता के बल पर 'तीज क्वीन 2026' का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया।
इसी श्रेणी में सृजना को फर्स्ट रनरअप और नंदिनी भुजेल को सेकंड रनरअप घोषित किया गया।
निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मुस्कान आहूजा
, किरण रात्रे, शीबा हारवे और डॉ.
दीपा मघानी ने निभाई
, जिन्होंने प्रतिभागियों के पहनावे, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
प्रत्येक विजेता को अतिथियों के हाथों पुरस्कृत किया गया
, जिससे पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्रतियोगिता की अन्य श्रेणियों में भी महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गोल्ड कैटेगरी में भारती साहू विजेता बनकर उभरीं, जबकि पी जया ने फर्स्ट रनरअप और शिसलता गजेंद्र व सुनीता मुरकुटे ने संयुक्त रूप से सेकंड रनरअप का स्थान हासिल किया।
इसी तरह क्लासिक कैटेगरी में सपना सोनार और उमा महेश्वरी को विजेता घोषित किया गया।
इस श्रेणी में मंजू कुर्रे फर्स्ट रनरअप रहीं, जबकि ज्योति शांडिल्य और टी वीणा को सेकंड रनरअप के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, विशेष प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरोज निर्मलकर को तीज ग्लैमर, अनीता माधव को तीज स्टार और माधुरी नायक को तीज दीवा के विशेष खिताबों से नवाजा गया, जो उनके व्यक्तित्व की विशिष्टता को दर्शाता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस महोत्सव में चार चांद लगा दिए।
प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, काली और महागौरी जैसे विभिन्न देवी-देवताओं के रूपों को मंच पर जीवंत कर दिया।
भारतीय संस्कृति की इस विविधता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष रूप से बी पूर्वी द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम की शिव स्तुति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा और कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
इसके साथ ही हिंदी और तेलुगु गीतों की धुनों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया।
संगीत और उमंग का ऐसा माहौल बना कि दर्शक दीर्घा में बैठी महिलाएं भी स्वयं को थिरकने से नहीं रोक सकीं और आयोजन में सक्रिय सहभागी बन गईं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर फाउंडेशन की अध्यक्ष टी जयारेड्डी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीज महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति
, भारतीय संस्कृति और महिला प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का एक समर्पित मंच है।
उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रियंका उपाध्याय ने अपनी ओजस्वी शैली में किया।
इस अवसर पर शारदा, रेखा राव
, आशा रानी, प्रतिमा
, वंदना, विभा शर्मा
, ईशा, गुनाराव
, जया, रोहिणी
, संगीता, पूजा
, मनसा, पी लक्ष्मी
, विजयलक्ष्मी, हर्षा
, नीता, निर्मला
, पार्वती और गीता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस उत्सव को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।